गॉड पार्टिकल की खोज में दोबारा चलेगी महामशीन ‘लार्ज हैड्रॉन कोलाइडर’

करीब 15 अरब वर्ष पूर्व हुए बिग बैंग के बाद गॉड पार्टिकल कहे जाने वाले हिग्स बोसॉन की खोज फिर से शुरू की जा रही है। यूरोपीय परमाणु संस्था ‘सर्न’ के अनुसार, 4 वर्ष बाद हिग्स बोसॉन की खोज फिर से शुरू कर 13.6 ट्रिल्यन इलेक्ट्रोनवोल्ट की ऊर्जा निकाली जाएगी।

आपको बता दें कि हिग्स बोसॉन नामक सिद्धांत की खोज आज से करीब 10 वर्ष पूर्व 4 जुलाई 2012 को एडविन हबल नामक एक वैज्ञानिक ने की थी। जिस पर गॉड पार्टिकल की खोज के लिए ‘लार्ज हैड्रॉन कोलाइडर’ महामशीन दोबारा काम पर लगाई जा रही है। वैज्ञानिकों का मानना है कि इस प्रयोग के बाद ब्रह्मांड के काम करने का तरीके का तो पता चलेगा ही साथ ही उससे जुड़े कई रहस्य भी सामने आ सकते है। इस प्रयोग में महामशीन प्रोटोन पर विपरीत दिशा से दो बीम डालेगी। आपको बता दें कि यह बीम फ्रांस व स्विटजरलैंड की सीमा पर धरती से 100 मीटर नीचे एक 27 किमी लंबी रिंग पर डाला जाएगा।

इस महामशीन के द्वारा प्रोटॉन और प्रोटॉन के बीच प्रति सेकंड 1.6 अरब टक्कर करायी जाएंगी। वैज्ञानिक इस ऊर्जा के द्वारा हिग्स बोसोन की अधिक बारीकी से जांच करेंगे। इस टक्कर के बाद जो आंकड़े आएंगे उनका इस्तेमाल भविष्य में डार्क एनर्जी, डार्क मैटर और ब्रह्मांड के अन्य मूलभूत रहस्यों का पता लगाने में किया जाएगा।

वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि उन्होंने वो गॉड पार्टिकल खोजा है जिससे यूनिवर्स का ज्यादातर हिस्सा बना है। ‘लार्ज हैड्रॉन कोलाइडर’ नामक मशीन को बनाने में 31 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा लगे है। वैज्ञानिकों का मानना है कि इस नई खोज से ब्लैक होल और बिग बैंग के सिद्धांत को समझना आसान हो जाएगा।

बिग बैंग क्या है?

बिग बैंग एक सिद्धांत है, जिसकेअनुसार करीब 15 अरब साल पहले सारे फिजिकल पार्टिकल और एनर्जी एक बिंदु पर सिमटे हुए थे। कुछ समय बाद इस बिंदु ने फैलना शुरू किया। जिससे ब्रह्मांड के शुरुआती पार्टिकल्स सब तरफ फैलने के कारण एक-दूसरे से दूर भागने लगे। पृथ्वी और जीवन की उत्पत्ति इन्हीं पार्टिकल से हुई है ऐसा वैज्ञानिकों का मानना है।

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